
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
THE PREVENTION OF CORRUPTION ACT, 1988
1. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?
a. भ्रष्टाचार नियंत्रण अधिनियम, 1988
b. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
c. सार्वजनिक सेवा अधिनियम, 1988
d. भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988
2. इस अधिनियम का अधिनियम संख्यांक क्या है?
a. 1988 का अधिनियम संख्यांक 50
b. 1988 का अधिनियम संख्यांक 39
c. 1988 का अधिनियम संख्यांक 48
d. 1988 का अधिनियम संख्यांक 49
3. राष्ट्रपति की स्वीकृति किस दिनांक को प्राप्त हुई?
a. 9 सितम्बर, 1988
b. 10 सितम्बर, 1988
c. 11 सितम्बर, 1988
d. 12 सितम्बर, 1988
4. अधिनियम का संक्षिप्त नाम अधिनियम के किस भाग में निर्धारित है?
a. प्रस्तावना
b. धारा 1
c. धारा 2
d. धारा 5
5. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 का विस्तार कहाँ तक है?
a. केवल भारत के केन्द्र शासित प्रदेशों तक
b. केवल भारत की सीमाओं के भीतर
c. सम्पूर्ण भारत पर और भारत के बाहर भारत के समस्त नागरिकों पर भी लागू
d. केवल राज्य सरकारों के अधिकारियों पर
6. अधिनियम किस वर्ष में संसद द्वारा पारित किया गया?
a. 1986
b. 1988
c. 1990
d. 1992
7. अधिनियम का उद्देश्य क्या है?
a. केवल वित्तीय मामलों की निगरानी
b. भ्रष्टाचार निवारण और उससे संबंधित विषयों का समेकन और संशोधन
c. केवल पुलिस अधिकारियों पर नियंत्रण
d. केवल न्यायालयीन कार्यवाही के लिए
8. भारत के बाहर इस अधिनियम का प्रभाव किस पर है?
a. केवल विदेशी नागरिकों पर
b. भारत के समस्त नागरिकों पर
c. केवल भारत में रह रहे भारतीय नागरिकों पर
d. केवल सरकारी अधिकारियों पर
9. अधिनियम का विस्तार भारत के बाहर किस उद्देश्य से किया गया?
a. वित्तीय लेन-देन की निगरानी
b. भारतीय नागरिकों द्वारा विदेश में किए गए भ्रष्टाचार संबंधी अपराधों पर नियंत्रण
c. केवल विदेश में काम करने वाले सरकारी अधिकारियों पर
d. केवल न्यायालयीन आदेशों के लिए
10. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 किस प्रकार का अधिनियम है?
a. स्थानीय सरकार अधिनियम
b. केंद्रीय कानून
c. केवल राज्य सरकार अधिनियम
d. न्यायालयीन प्रक्रिया अधिनियम
11. अधिनियम का विस्तार किस प्रकार के नागरिकों पर लागू होता है?
a. केवल सरकारी अधिकारियों पर
b. भारत के सभी नागरिकों पर, चाहे वे भारत में हों या बाहर
c. केवल विदेश में कार्यरत अधिकारियों पर
d. केवल राज्य सरकार के कर्मचारियों पर
12. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 का उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा है?
a. भ्रष्टाचार निवारण से संबंधित कानूनों का समेकन और संशोधन करना
b. केवल वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण करना
c. केवल न्यायालयीन प्रक्रिया निर्धारित करना
d. केवल पुलिस कार्यों की निगरानी करना
13. परिभाषा खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 2
b. धारा 3
c. धारा 4
d. धारा 5
14. निर्वाचन", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(कक)
c. धारा 2(ख)
d. धारा 2(ग)
15. "निर्वाचन" का तात्पर्य किससे है?
a. केवल न्यायालय के चयन से
b. संसद, विधानमंडल, स्थानीय प्राधिकरण या अन्य लोक प्राधिकरण के सदस्यों के चयन से
c. केवल वित्तीय अधिकारियों के चयन से
d. केवल सरकारी कर्मचारियों के चयन से
16. "निर्वाचन" किसके सदस्यों के चयन के लिए होता है?
a. केवल संसद के
b. केवल राज्य विधानमंडल के
c. संसद, विधानमंडल, स्थानीय प्राधिकरण या अन्य लोक प्राधिकरण के
d. केवल न्यायालय के
17. "निर्वाचन" का उद्देश्य क्या है?
a. सरकारी कर्मचारियों का चयन करना
b. संसद, विधानमंडल या लोक प्राधिकरण के सदस्यों का चयन करना
c. वित्तीय अधिकारियों का चयन करना
d. केवल न्यायालय के न्यायाधीश का चयन करना
18. "निर्वाचन" के अंतर्गत कौन-सा प्राधिकरण शामिल नहीं है?
a. संसद
b. स्थानीय प्राधिकरण
c. न्यायालय
d. विधानमंडल
19. निम्न में से कौन-सा "निर्वाचन" के उदाहरण में शामिल है?
a. राज्य विधानमंडल के सदस्य का चुनाव
b. सरकारी कर्मचारी की भर्ती
c. न्यायालयीन न्यायाधीश की नियुक्ति
d. पुलिस अधिकारी की भर्ती
20. "निर्वाचन" की परिभाषा में 'लोक प्राधिकरण' का क्या अर्थ है?
a. केवल सरकारी कार्यालय
b. लोक हित में काम करने वाला कोई भी प्राधिकरण
c. केवल न्यायालय
d. केवल वित्त विभाग
21. "विहित", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(कक)
c. धारा 2(ख)
d. धारा 2(ग)
22. "विहित" का तात्पर्य क्या है?
a. किसी भी सरकारी आदेश से
b. इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित
c. केवल न्यायालय के निर्णय से
d. केवल राज्य सरकार के आदेश से
23. "विहित" शब्द का प्रयोग किसके सन्दर्भ में किया जाएगा?
a. केवल संविधान में
b. इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार
c. केवल न्यायालय के आदेशों के अनुसार
d. केवल वित्तीय प्रावधानों के लिए
24. "विहित" शब्द का उद्देश्य क्या है?
a. किसी भी नियम या आदेश को संदर्भित करना
b. अधिनियम के नियमों के द्वारा निर्धारित प्रावधान को निर्दिष्ट करना
c. केवल न्यायालयीन निर्देशों को संदर्भित करना
d. केवल राज्य सरकार के वित्तीय आदेशों के लिए
25. "विहित" का अर्थ अधिनियम में कैसे लगाया जाएगा?
a. न्यायालयीन आदेश के अनुसार
b. इस अधिनियम के नियमों द्वारा निर्धारित
c. केवल राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार
d. केवल केन्द्रीय आदेश के अनुसार
26. लोक कर्तव्य", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(कक)
c. धारा 2(ख)
d. धारा 2(ग)
27. "लोक कर्तव्य" से क्या अभिप्रेत है?
a. केवल सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य
b. वह कर्तव्य, जिसका निर्वहन राज्य, जनता या समस्त समुदाय के हित में है
c. केवल न्यायालयीन कर्तव्य
d. केवल वित्तीय कर्तव्य
28. निम्न में से कौन "लोक कर्तव्य" के अंतर्गत आता है?
a. केवल राज्य सरकार के कर्मचारियों का निजी कर्तव्य
b. सरकार से सहायता प्राप्त प्राधिकरण या निकाय
c. केवल न्यायालय
d. केवल निजी कंपनी
29. "लोक कर्तव्य" में सरकारी कंपनी का समावेश किस अधिनियम के तहत किया गया है?
a. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
b. कम्पनी अधिनियम, 1956 (धारा 617)
c. भारतीय दंड संहिता, 1860
d. संविधान का अनुच्छेद 32
30. "लोक कर्तव्य" के अंतर्गत कौन-सा निकाय शामिल है?
a. सरकार से सहायता प्राप्त कोई प्राधिकरण
b. केवल निजी कंपनी
c. केवल न्यायालय
d. केवल वित्तीय संस्थान
31. "लोक कर्तव्य" की विशेषता क्या है?
a. यह केवल निजी हित में होता है
b. इसका निर्वहन राज्य, जनता या समस्त समुदाय के हित में होता है
c. यह केवल न्यायालय के आदेश से होता है
d. केवल वित्तीय मामलों के लिए आवश्यक है
32. "लोक सेवक", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(कक)
c. धारा 2(ख)
d. धारा 2(ग)
33. लोक सेवक में कौन शामिल है?
a. केवल सरकारी अधिकारी जो वेतन पर हैं
b. कोई व्यक्ति जो न्यायालय द्वारा किसी कर्तव्य का पालन करने के लिए प्राधिकृत है
c. केवल विश्वविद्यालय के कुलपति
d. निजी कंपनी के कर्मचारी
34. लोक सेवक की परिभाषा में न्यायाधीश किस प्रकार शामिल है?
a. केवल अदालत में कार्यरत न्यायाधीश
b. कोई न्यायाधीश जिसके अन्तर्गत कोई व्यक्ति न्यायनिर्णयन कृत्यों का निर्वहन करता है
c. केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
d. केवल जिला न्यायालय के न्यायाधीश
35. लोक सेवक की परिभाषा में कौन शामिल नहीं है?
a. किसी सेवा आयोग या बोर्ड का अध्यक्ष, सदस्य या कर्मचारी
b. निजी कंपनी में कार्यरत कोई कर्मचारी जो सरकारी सहायता प्राप्त संस्था से जुड़ा नहीं है
c. कृषि, उद्योग या बैंककारी में लगी सरकारी सहायता प्राप्त सोसाइटी का सचिव
d. विश्वविद्यालय के प्राध्यापक या कर्मचारी
36. लोक सेवक की परिभाषा में "निर्वाचन" से संबंधित कौन शामिल है?
a. कोई व्यक्ति जो निर्वाचक सूची तैयार करने, प्रकाशित करने या निर्वाचन का संचालन करने के लिए सशक्त है
b. केवल न्यायालय के कर्मचारियों को
c. केवल सरकारी अधिकारी जो वेतन पर हैं
d. केवल शिक्षा विभाग के कर्मचारी
37. लोक सेवक की परिभाषा में विश्वविद्यालय के कौन-कौन से पदधारी शामिल हैं?
a. केवल कुलपति
b. कुलपति, शासी निकाय के सदस्य, आचार्य, उपाचार्य, प्राध्यापक और अन्य कर्मचारी
c. केवल प्राध्यापक
d. केवल परीक्षा नियंत्रक
38. लोक सेवक में मध्यस्थ, रिसीवर या आयुक्त किस आधार पर शामिल हैं?
a. केवल सरकारी नियुक्ति द्वारा
b. न्यायालय द्वारा प्राधिकृत कर्तव्य के लिए
c. केवल निजी नियुक्ति द्वारा
d. केवल राज्य सरकार द्वारा
39. लोक सेवक की परिभाषा में "सरकारी कंपनी" शामिल है। इसका आधार क्या है?
a. केवल सरकारी आदेश
b. कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 617 में यथापरिभाषित
c. केवल राज्य सरकार के आदेश
d. केवल केन्द्रीय अधिनियम
40. लोक सेवक की परिभाषा में वित्तीय सहायता प्राप्त संस्था के पदधारी कब शामिल होते हैं?
a. केवल यदि नियुक्ति सरकारी आदेश से हुई हो
b. जब संस्था केन्द्रीय, राज्य या लोक प्राधिकरण से सहायता प्राप्त हो
c. केवल निजी वित्तीय सहायता प्राप्त संस्था के पदधारी
d. केवल न्यायालय से नियुक्त संस्था
41. स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, लोक सेवक किस आधार पर माना जाएगा?
a. केवल सरकारी नियुक्ति से
b. पद के वास्तविक धारणकर्ता होने के आधार पर
c. केवल न्यायालय द्वारा नियुक्ति से
d. केवल विश्वविद्यालय के पदों के लिए
42. स्पष्टीकरण 2 के अनुसार, लोक सेवक शब्द का प्रयोग किसके संबंध में किया जाएगा?
a. केवल वैध नियुक्ति वाले व्यक्ति के लिए
b. हर उस व्यक्ति के संबंध में जो लोक सेवक के ओहदे को वास्तव में धारण कर रहा हो
c. केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए
d. केवल न्यायालयीन अधिकारी के लिए
43. असम्यक् लाभ", अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(ख)
c. धारा 2(ग)
d. धारा 2(घ)
44. “असम्यक् लाभ” से अभिप्रेत क्या है?
a. केवल धनराशि का लाभ
b. विधिक पारिश्रमिक से भिन्न कोई भी पारितोषण
c. केवल वस्तु के रूप में दिया गया लाभ
d. केवल सरकारी स्वीकृत लाभ
45. स्पष्टीकरण के अनुसार “पारितोषण” शब्द किस तक सीमित है?
a. केवल धनराशि
b. केवल गैर-धनराशि
c. न धनराशि तक सीमित है न धन के रूप में प्राक्कलनीय पारितोषणों तक
d. केवल स्वीकृत वेतन
46. “विधिक पारिश्रमिक” किसे कहा गया है?
a. केवल वह वेतन जो सरकार निर्धारित करे
b. केवल सरकार द्वारा स्वीकृत वेतन और भत्ते
c. वह सब पारिश्रमिक जिसे लोक सेवक को प्राप्त करने की अनुमति सरकार/संगठन द्वारा हो
d. केवल तनख्वाह
47. निम्न में से कौन-सा “असम्यक् लाभ” की श्रेणी में आएगा?
a. वह वेतन जो सरकार द्वारा स्वीकृत है
b. सरकार से प्राप्त भत्ता
c. लोक सेवक द्वारा बिना अनुमति प्राप्त उपहार
d. सेवा शर्तों के अनुसार दिया गया प्रतिकर
48. “पारितोषण” में क्या शामिल है?
a. केवल नकद भुगतान
b. केवल सरकारी वेतन
c. कोई भी प्रकार का लाभ, चाहे धन के रूप में हो या अन्य रूप में
d. केवल बोनस
49. “विधिक पारिश्रमिक” के अंतर्गत कौन-सा शामिल नहीं है?
a. स्वीकृत वेतन
b. स्वीकृत भत्ते
c. बिना अनुमति प्राप्त लाभ
d. सरकार/संगठन द्वारा अनुमत पारिश्रमिक
50. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
a. “असम्यक् लाभ” केवल धन संबंधी लाभ है।
b. “पारितोषण” में केवल भौतिक वस्तुएँ आती हैं।
c. “विधिक पारिश्रमिक” में केवल सरकार से प्राप्त वेतन आता है।
d. “पारितोषण” धन तथा अन्य रूप के प्राक्कलनीय लाभ दोनों हो सकते हैं।
51. यदि किसी लोक सेवक को ऐसा लाभ प्राप्त होता है जो सरकार द्वारा अधिकृत नहीं है, तो वह क्या कहलाएगा?
a. विधिक पारिश्रमिक
b. असम्यक् लाभ
c. सरकारी सुविधा
d. स्वीकृत भत्ता
52. स्पष्टीकरण के अनुसार “विधिक पारिश्रमिक” किसके द्वारा अनुज्ञात होना चाहिए?
a. कोई भी निजी संस्था
b. सरकार या वह संगठन जिसमें लोक सेवक कार्य करता है
c. सहकर्मी
d. स्थानीय निकाय
53. “असम्यक् लाभ” की परिभाषा किससे भिन्न किसी भी पारितोषण को संदर्भित करती है?
a. विधिक पारिश्रमिक
b. सरकारी सेवा
c. कार्य दायित्व
d. सेवा शर्त
54. विशेष न्यायाधीश नियुक्त करने की शक्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 3
b. धारा 4
c. धारा 5
d. धारा 6
55. विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
a. सुप्रीम कोर्ट
b. उच्च न्यायालय
c. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार
d. जिला मजिस्ट्रेट
56. विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति किस प्रकार की अधिसूचना द्वारा की जाती है?
a. प्रेस नोट
b. राजपत्र में अधिसूचना
c. न्यायालय आदेश
d. विभागीय पत्र
57. विशेष न्यायाधीश किस प्रकार के मामलों का विचारण करते हैं?
a. केवल दीवानी मामले
b. केवल प्रशासनिक मामले
c. अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध
d. केवल राजस्व विवाद
58. निम्न में से कौन-सा विशेष न्यायाधीश के अधिकार क्षेत्र में शामिल है?
a. दीवानी मुकदमे
b. कर वसूली
c. अधिनियम के अंतर्गत दुष्प्रेरण, प्रयत्न या षड्यंत्र से संबंधित अपराध
d. चुनाव याचिकाएँ
59. किस प्रकार के अपराधों के लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त किए जा सकते हैं?
a. केवल हत्या
b. केवल नागरिक विवाद
c. अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध
d. केवल आर्थिक अपराध
60. धारा 3(2) के अनुसार विशेष न्यायाधीश पद के लिए अर्हता क्या है?
a. मजिस्ट्रेट होना
b. सिविल जज होना
c. सेशन न्यायाधीश, अपर सेशन न्यायाधीश या सहायक सेशन न्यायाधीश होना या रह चुका होना
d. प्रशासनिक अधिकारी होना
61. विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति किस स्तर तक की जा सकती है?
a. किसी भी क्षेत्र या मामलों के समूह के लिए
b. केवल राज्य स्तर पर
c. केवल जिला स्तर पर
d. केवल केन्द्र स्तर पर
62. विशेष न्यायाधीश निम्न में से किन अपराधों का विचारण कर सकते हैं?
a. इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध
b. षड्यंत्र, प्रयत्न और दुष्प्रेरण से संबंधित अपराध
c. दोनों (A) और (B)
d. कोई नहीं
63. विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति हेतु अनिवार्य शर्त कौन-सी है?
a. कम से कम 20 वर्ष का अनुभव
b. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होना
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के अधीन सेशन न्यायाधीश रहा हो
d. पंचायत न्यायाधीश होना
64. धारा 3(1) के अनुसार अधिसूचना में क्या विनिर्दिष्ट किया जा सकता है?
a. न्यायालय की फीस
b. न्यायाधीश का वेतन
c. क्षेत्र या मामले जिनके लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है
d. न्यायिक परीक्षा पाठ्यक्रम
65. विशेष न्यायाधीशों द्वारा विचारणीय मामले, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 3
b. धारा 4
c. धारा 5
d. धारा 6
66. धारा 4(1) के अनुसार धारा 3(1) में विनिर्दिष्ट अपराधों का विचारण कौन करेगा?
a. कोई भी मजिस्ट्रेट
b. कोई भी सत्र न्यायालय
c. केवल विशेष न्यायाधीश
d. उच्च न्यायालय
67. दण्ड प्रक्रिया संहिता में किसी बात के होते हुए भी धारा 3(1) के अपराध किसके द्वारा विचारणीय हैं?
a. लोक अभियोजक
b. विशेष न्यायाधीश
c. जिला मजिस्ट्रेट
d. सिविल कोर्ट
68. अपराध किस विशेष न्यायाधीश द्वारा विचारणीय होगा?
a. जहां मामला दर्ज हुआ हो
b. जहां अभियुक्त रहता हो
c. जिस क्षेत्र में अपराध किया गया हो
d. जहां पुलिस मुख्यालय हो
69. यदि किसी क्षेत्र के लिए एक से अधिक विशेष न्यायाधीश हों, तो मामला किसे सौंपा जाएगा?
a. उच्च न्यायालय द्वारा
b. राज्य सरकार द्वारा
c. केन्द्रीय सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश
d. जिला कलेक्टर द्वारा
70. धारा 4(3) के अनुसार विशेष न्यायाधीश कौन-सा अतिरिक्त कार्य कर सकता है?
a. दीवानी मामलों का निपटारा
b. धारा 3 में विनिर्दिष्ट अपराध से भिन्न ऐसा अपराध, जो उसी विचारण में आरोपित किया जा सकता हो
c. विभागीय कार्यवाही
d. प्रशासनिक निर्णय
71. यदि अभियुक्त पर दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत कोई अन्य अपराध भी आरोपित हो सकता है, तो विशेष न्यायाधीश—
a. केवल मुख्य अपराध ही सुनेगा
b. अन्य अपराध नहीं सुनेगा
c. अन्य अपराध का भी उसी विचारण में विचार कर सकता है
d. मामला दूसरे न्यायालय को भेज देगा
72. धारा 4(4) के अनुसार विशेष न्यायाधीश को विचारण किस प्रकार करना चाहिए?
a. साप्ताहिक आधार पर
b. मासिक आधार पर
c. वार्षिक आधार पर
d. यथासाध्य दैनिक आधार पर
73. विशेष न्यायाधीश द्वारा विचारण सामान्यतः कितने समय में पूरा होना चाहिए?
a. 6 महीने
b. 1 वर्ष
c. 2 वर्ष
d. 5 वर्ष
74. यदि विचारण 2 वर्षों में पूरा न हो सके, तो क्या आवश्यक है?
a. पुनः एफ आई आर दर्ज करना
b. विशेष न्यायाधीश कारणों को लेखबद्ध करेगा
c. मामला वापस लेना
d. नया न्यायाधीश नियुक्त करना
75. विचारण अवधि को एक समय में अधिकतम कितने समय के लिए बढ़ाया जा सकता है?
a. 1 वर्ष
b. 3 महीने
c. 6 महीने
d. 2 वर्ष
76. सभी विस्तार मिलाकर विचारण की कुल अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है?
a. 2 वर्ष
b. 3 वर्ष
c. 4 वर्ष
d. 5 वर्ष
77. अवधि बढ़ाने के लिए विशेष न्यायाधीश को क्या करना आवश्यक है?
a. उच्च न्यायालय की अनुमति लेना
b. राज्य सरकार की अनुमति लेना
c. कारणों को लिखित रूप से दर्ज करना
d. लोक अभियोजक की अनुमति लेना
78. प्रक्रिया और विशेष न्यायाधीश की शक्तियां, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 3
b. धारा 4
c. धारा 5
d. धारा 6
79. धारा 5(1) के अनुसार विशेष न्यायाधीश अपराध का संज्ञान कब ले सकता है?
a. केवल तब जब अभियुक्त को उसके समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाए
b. अभियुक्त के सुपुर्द किए बिना भी
c. केवल राज्य सरकार की अनुमति पर
d. केवल जांच पूरी होने के बाद
80. विशेष न्यायाधीश विचारण की प्रक्रिया किस विधि के अनुसार करता है?
a. दीवानी प्रक्रिया संहिता
b. सत्र न्यायालय की प्रक्रिया
c. वारंट मामलों के लिए मजिस्ट्रेटों की प्रक्रिया
d. ग्राम न्यायालय प्रक्रिया
81. धारा 5(2) के अनुसार विशेष न्यायाधीश किसे क्षमा प्रदान कर सकता है?
a. केवल मुख्य आरोपी
b. केवल सरकारी गवाह
c. कोई भी संपृक्त व्यक्ति—मुख्य या दुष्प्रेरक
d. केवल पीड़ित पक्ष
82. विशेष न्यायाधीश द्वारा दी गई क्षमा किस धारा के अधीन दी गई मानी जाएगी?
a. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 306 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 343
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 307 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 344
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 320 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 359
d. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 528
83. धारा 5(3) के अनुसार विशेष न्यायाधीश का दर्जा किस न्यायालय के समकक्ष माना जाता है?
a. जिला न्यायालय
b. उच्च न्यायालय
c. सेशन न्यायालय
d. मजिस्ट्रेट न्यायालय
84. विशेष न्यायाधीश के समक्ष अभियोजन का संचालन करने वाले वकील को क्या माना जाएगा?
a. सहायक अभियोजक
b. सरकारी अधिवक्ता
c. लोक अभियोजक
d. विशेष वकील
85. धारा 5(4) के अनुसार विशेष न्यायाधीश को किन धाराओं के प्रयोजनार्थ “मजिस्ट्रेट” समझा जाएगा?
a. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 और 202 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 223 और धारा 225
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 359 और धारा 475 के उपपबंध (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 400 और धारा 490
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 और 126 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 144 और धारा 145
d. धारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 और 173 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 187 और धारा 193
86. विशेष न्यायाधीश दण्डादेश देने में किस सीमा तक सक्षम है?
a. केवल 3 वर्ष तक
b. केवल जुर्माना दे सकता है
c. केवल वही दण्ड जो विधि द्वारा उस अपराध के लिए प्राधिकृत हो
d. वह दण्ड बढ़ा सकता है
87. धारा 5(6) के अनुसार विशेष न्यायाधीश किन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है?
a. केवल आपराधिक शक्तियाँ
b. केवल प्रशासनिक शक्तियाँ
c. जिला न्यायाधीश के समान सिविल शक्तियाँ
d. सर्वोच्च न्यायालय जैसी विशेष शक्तियाँ
88. विशेष न्यायाधीश द्वारा क्षमा देने की शर्त क्या है?
a. आरोपी की पूर्ण स्वीकारोक्ति
b. आरोपी की सरकारी नौकरी छोड़ना
c. आरोपी द्वारा अपराध से संबंधित सभी परिस्थितियों का पूर्ण और सत्य प्रकटन
d. पीड़ित की अनुमति
89. संक्षिप्ततः विचारण करने की शक्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 3
b. धारा 4
c. धारा 5
d. धारा 6
90. धारा 6(1) के अनुसार संक्षिप्त विचारण किस प्रकार के मामलों में किया जाएगा?
a. सभी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में
b. ऐसे मामलों में जिनमें लोक सेवक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के कुछ आदेशों का उल्लंघन किया हो
c. केवल वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में
d. केवल चोरी के मामलों में
91. संक्षिप्त विचारण में विशेष न्यायाधीश किस धाराओं की प्रक्रिया अपनाता है?
a. दण्ड प्रक्रिया संहिता 200
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता 300
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 260 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 283)
d. दण्ड प्रक्रिया संहिता 167
92. संक्षिप्त विचारण में विशेष न्यायाधीश अधिकतम कितनी सज़ा दे सकता है?
a. छह महीने
b. एक वर्ष
c. दो वर्ष
d. तीन वर्ष
93. संक्षिप्त विचारण से सामान्य विचारण में बदलने के लिए विशेष न्यायाधीश को क्या करना आवश्यक है?
a. राज्य सरकार से अनुमति लेना
b. पुलिस को मामला वापस भेजना
c. कारणों को लिखित रूप में दर्ज करना
d. आरोपी को रिहा करना
94. विशेष न्यायाधीश जब संक्षिप्त विचारण समाप्त कर सामान्य ट्रायल अपनाता है, तो वह क्या कर सकता है?
a. पहले से परीक्षित गवाहों को पुनः बुला सकता है
b. पहले गवाहों को दोबारा नहीं बुला सकता
c. केवल नए गवाह बुला सकता है
d. मामले को समाप्त कर सकता है
95. संक्षिप्त विचारण कब अवांछनीय माना जा सकता है?
a. जब आरोपी उपस्थित न हो
b. जब यह प्रतीत हो कि एक वर्ष से अधिक की सज़ा दी जा सकती है
c. जब अभियोजन के गवाह कम हों
d. जब चार्जशीट न दायर हो
96. किस स्थिति में अपील का अधिकार उपलब्ध नहीं होगा?
a. जब सज़ा 3 वर्ष से कम हो
b. जब केवल जुर्माना लगाया गया हो
c. जब एक महीने तक की सज़ा और 2000 रुपये तक का जुर्माना हो
d. जब मामला गंभीर न हो
97. अपील का अधिकार कब उपलब्ध होगा?
a. जब दण्ड, उपधारा (2) में निर्धारित सीमा से अधिक हो
b. जब सज़ा एक महीने से कम हो
c. कभी उपलब्ध नहीं
d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से
98. धारा 6 में “विशेष आदेश” किस अधिनियम से संबंधित है?
a. भारतीय दण्ड संहिता
b. पुलिस अधिनियम
c. आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
d. लोक सेवक अधिनियम
99. संक्षिप्त विचारण आरम्भ करने का निर्णय कौन करता है?
a. पुलिस अधिकारी
b. सरकारी वकील
c. विशेष न्यायाधीश
d. राज्य सरकार
100. लोक सेवक द्वारा पदीय कार्य के लिए वैध पारिश्रमिक से भिन्त्र पारितोषण लिया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 7
b. धारा 8
c. धारा 9
d. धारा 10
101. धारा 7 के अनुसार लोक सेवक को रिश्वत लेने पर न्यूनतम कारावास कितने वर्ष का है?
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. पाँच वर्ष
102. धारा 7 के अनुसार अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?
a. पाँच वर्ष
b. सात वर्ष
c. दस वर्ष
d. बारह वर्ष
103. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 7 के तहत अपराध मानी जाएगी?
a. लोक सेवक द्वारा कार्य देर से करना
b. लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति से असम्यक् लाभ माँगना
c. लोक सेवक का कार्य में लापरवाही
d. फाइल को दूसरे विभाग भेजना
104. धारा 7 के अनुसार यदि लोक सेवक असम्यक् लाभ लेने के लिए मात्र सहमति भी देता है, तो क्या यह अपराध है?
a. नहीं
b. केवल लाभ मिलने पर अपराध
c. केवल शिकायत होने पर अपराध
d. हाँ, सहमति मात्र भी अपराध है
105. धारा 7 के अनुसार “अभिप्राप्त करता है” में क्या सम्मिलित है?
a. केवल सीधे रिश्वत लेना
b. केवल किसी अन्य द्वारा रिश्वत लेना
c. सीधे या पक्षकार के माध्यम से रिश्वत लेना
d. किसी भी रूप में रिश्वत न लेना
106. धारा 7 किस प्रकार के लाभ को अपराध मानती है?
a. वैध लाभ
b. सरकारी लाभ
c. असम्यक् लाभ (Undue advantage)
d. प्राकृतिक लाभ
107. यदि लोक सेवक अपने पद का दुरुपयोग कर किसी से लाभ माँगता है, तो यह किस धारा के अंतर्गत अपराध है?
a. धारा 5
b. धारा 7
c. धारा 9
d. धारा 11
108. उदाहरण के अनुसार: ‘एस’ द्वारा ‘पी’ से राशन कार्ड जल्दी बनाने के लिए 5000 रुपये माँगना—यह किस धारा के अंतर्गत अपराध है?
a. अनुशासनात्मक अपराध
b. सामान्य प्रशासनिक गलती
c. धारा 7 का अपराध
d. यह अपराध नहीं है
109. धारा 7 में “प्रतिगृहीत करता है” का अर्थ क्या है?
a. लाभ देने से मना करना
b. लाभ को वापस कर देना
c. लाभ को स्वीकार करना
d. लाभ को छिपाना
110. भ्रष्ट या अविधिपूर्ण साधनों द्वारा या निजी प्रभाव का प्रयोग करके किसी लोक सेवक को प्रभावित करके असम्यक् लाभ लेना किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 7
b. धारा 7(क)
c. धारा 9
d. धारा 10
111. धारा 7(क) का मुख्य उद्देश्य किस अपराध को दंडित करना है?
a. लोक सेवक द्वारा रिश्वत लेना
b. निजी व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को प्रभावित कर असम्यक् लाभ लेना
c. लोक सेवक द्वारा वैध पारिश्रमिक लेना
d. सरकारी कर्मचारी द्वारा लापरवाही
112. धारा 7(क) के अंतर्गत अपराध कौन कर सकता है?
a. केवल लोक सेवक
b. केवल सरकारी कर्मचारी
c. कोई भी व्यक्ति
d. केवल निजी कंपनी
113. “असम्यक् लाभ” से क्या तात्पर्य है?
a. केवल नकद राशि
b. केवल वैध भुगतान
c. ऐसा लाभ जो कानूनन देय न हो
d. केवल उपहार
114. धारा 7(क) के अनुसार असम्यक् लाभ किस प्रयोजन के लिए लिया जाता है?
a. सामाजिक कार्य के लिए
b. लोक सेवक को कर्तव्य पालन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु
c. लोक कर्तव्य का अनुचित या बेईमानी से कार्य करवाने या न करवाने हेतु
d. सेवानिवृत्ति के उपरांत सहायता हेतु
115. निम्न में से कौन-सा माध्यम धारा 7क के अंतर्गत आता है?
a. केवल रिश्वत
b. केवल धमकी
c. भ्रष्ट या अविधिपूर्ण साधन या निजी प्रभाव
d. केवल लिखित अनुशंसा
116. धारा 7(क) के अंतर्गत न्यूनतम दंड क्या है?
a. 1 वर्ष का कारावास
b. 2 वर्ष का कारावास
c. 3 वर्ष का कारावास
d. 5 वर्ष का कारावास
117. धारा 7(क) के अंतर्गत अधिकतम दंड क्या हो सकता है?
a. 5 वर्ष का कारावास
b. 6 वर्ष का कारावास
c. 7 वर्ष का कारावास
d. 10 वर्ष का कारावास
118. धारा 7(क) के अनुसार अपराध कब पूर्ण माना जाएगा?
a. जब लोक सेवक वास्तव में प्रभावित हो जाए
b. जब लोक सेवक कार्य कर दे
c. जब असम्यक् लाभ प्राप्त कर लिया जाए या प्रयास किया जाए
d. जब सरकारी आदेश पारित हो जाए
119. धारा 7(क) में “हेतु या इनाम” का क्या अर्थ है?
a. केवल भविष्य के लिए
b. केवल पूर्व में किए गए कार्य के लिए
c. लोक कर्तव्य को अनुचित रूप से करने या न करने के लिए दिया गया लाभ
d. केवल मानदेय
120. निम्न में से कौन-सा उदाहरण धारा 7(क) के अंतर्गत आएगा?
a. लोक सेवक द्वारा वेतन लेना
b. निजी व्यक्ति द्वारा संपर्कों के बल पर अधिकारी से गलत आदेश दिलवाने के लिए धन लेना
c. सरकारी शुल्क का भुगतान
d. विधिक परामर्श शुल्क लेना
121. धारा 8 के अंतर्गत अपराध कौन करता है?
a. केवल लोक सेवक
b. केवल सरकारी कर्मचारी
c. कोई भी व्यक्ति जो लोक सेवक को रिश्वत देता है
d. केवल बिचौलिया
122. धारा 8(1) के अनुसार असम्यक् लाभ देने का आशय क्या होना चाहिए?
a. लोक सेवक को वैध कार्य करने के लिए
b. लोक सेवक को लोक कर्तव्य अनुचित रूप से करने या उसके लिए इनाम देने हेतु
c. सामाजिक कार्य के लिए
d. निजी सहायता के लिए
123. धारा 8 के अंतर्गत अधिकतम दंड क्या है?
a. 3 वर्ष का कारावास
b. 5 वर्ष का कारावास
c. 7 वर्ष का कारावास और जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा
d. 10 वर्ष का कारावास
124. यदि कोई व्यक्ति लोक सेवक को रिश्वत देने के लिए विवश किया गया हो, तो—
a. वह सदैव दोषी होगा
b. वह दोषी नहीं होगा, यदि वह 7 दिन के भीतर रिपोर्ट करे
c. वह केवल जुर्माने से दंडनीय होगा
d. उसे प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं होगा
125. विवशता के आधार पर प्रतिरक्षा पाने के लिए रिपोर्ट किस अवधि में देनी होगी?
a. 24 घंटे
b. 3 दिन
c. 7 दिन
d. 15 दिन
126. यदि धारा 8 के अंतर्गत अपराध किसी वाणिज्यिक संगठन द्वारा किया गया हो, तो—
a. संगठन और निदेशक दोनों को कारावास
b. केवल निदेशक को कारावास
c. केवल वाणिज्यिक संगठन को जुर्माना
d. कोई दंड नहीं
127. निम्न में से किस बात का धारा 8 के अंतर्गत कोई महत्व नहीं है?
a. रिश्वत सीधे दी गई या मध्यस्थ के माध्यम से
b. जिसे लाभ दिया गया वही लोक कर्तव्य करने वाला है या नहीं
c. असम्यक् लाभ नकद है या वस्तु के रूप में
d. उपर्युक्त सभी
128. धारा 8(2) के अंतर्गत किसे अपराध से छूट दी गई है?
a. लोक सेवक को
b. बिचौलिये को
c. उस व्यक्ति को जो जांच में सहायता हेतु असम्यक् लाभ देता है
d. वाणिज्यिक संगठन को
129. निम्न में से कौन-सा उदाहरण धारा 8 के अंतर्गत अपराध को दर्शाता है?
a. सरकारी शुल्क का भुगतान
b. लाइसेंस प्राप्त करने हेतु अधिकारी को धन देना
c. विधिक फीस देना
d. कर का भुगतान करना
130. धारा 8 के स्पष्टीकरण के अनुसार सही कथन कौन-सा है?
a. असम्यक् लाभ केवल उसी लोक सेवक को दिया जाना चाहिए
b. असम्यक् लाभ केवल प्रत्यक्ष रूप से दिया जाना चाहिए
c. लाभ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी प्रकार दिया जा सकता है
d. लाभ केवल नकद ही होना चाहिए
131. यदि कोई व्यक्ति जांच एजेंसी की जानकारी के बाद ट्रैप के लिए रिश्वत देता है, तो—
a. वह धारा 8 के अंतर्गत दोषी होगा
b. वह दोषी नहीं होगा
c. उसे केवल चेतावनी दी जाएगी
d. केवल जुर्माना लगेगा
132. धारा 9 किससे सम्बंधित हैं?
a. केवल लोक सेवक को
b. केवल रिश्वत देने वाले व्यक्ति को
c. किसी वाणिज्यिक संगठन द्वारा किसी लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध
d. केवल मध्यस्थ को
133. धारा 9(1) के अनुसार वाणिज्यिक संगठन कब दोषी होगा?
a. जब संगठन का निदेशक रिश्वत ले
b. जब संगठन से सहयोजित व्यक्ति लोक सेवक को असम्यक् लाभ दे
c. जब कोई भी व्यक्ति रिश्वत दे
d. जब लोक सेवक रिश्वत स्वीकार करे
134. वाणिज्यिक संगठन द्वारा रिश्वत देने का आशय क्या होना चाहिए?
a. व्यक्तिगत लाभ
b. सामाजिक कार्य
c. संगठन के लिए कारबार प्राप्त या बनाए रखना
d. परोपकार
135. धारा 9(1) के अंतर्गत वाणिज्यिक संगठन के लिए उपलब्ध प्रतिरक्षा (defence) क्या है?
a. रिश्वत की जानकारी न होना
b. यह साबित करना कि उसने पर्याप्त प्रक्रियाएं अपनाई थीं
c. लोक सेवक की सहमति
d. कम लाभ की राशि
136. धारा 9(2) के अनुसार किसी व्यक्ति द्वारा असम्यक् लाभ देने का निर्धारण कब माना जाएगा?
a. केवल जब उसे धारा 8 के अंतर्गत दोषी ठहराया जाए
b. केवल जब अभियोजन स्वीकृत हो
c. चाहे अभियोजन हुआ हो या नहीं, यदि धारा 8 का अपराध बनता है
d. केवल जब लोक सेवक दोषी हो
137. निम्न में से कौन “वाणिज्यिक संगठन” की परिभाषा में शामिल नहीं है?
a. भारत में निगमित कंपनी जो विदेश में कारोबार करती है
b. विदेश में निगमित कंपनी जो भारत में कारोबार करती है
c. भारत में गठित साझेदारी फर्म
d. केवल सरकारी विभाग
138. धारा 9 के अनुसार “कारबार” में क्या शामिल है?
a. केवल व्यापार
b. केवल सेवा
c. व्यापार, वृत्ति या सेवा उपलब्ध कराना
d. केवल उत्पादन
139. किस स्थिति में किसी व्यक्ति को वाणिज्यिक संगठन से “सहयोजित” माना जाएगा?
a. जब वह संगठन का शेयरधारक हो
b. जब वह संगठन के लिए या उसकी ओर से सेवाएं प्रदान करता हो
c. जब वह केवल ग्राहक हो
d. जब वह लोक सेवक हो
140. यदि कोई कर्मचारी वाणिज्यिक संगठन के लिए सेवाएं प्रदान करता है, तो क्या उपधारणा होगी?
a. वह सहयोजित व्यक्ति नहीं माना जाएगा
b. जब तक विपरीत सिद्ध न हो, वह सहयोजित माना जाएगा
c. केवल अनुबंध होने पर
d. केवल वेतनभोगी होने पर
141. स्पष्टीकरण के अनुसार, सहयोजित व्यक्ति की हैसियत निर्धारित करने में क्या अप्रासंगिक है?
a. वह कर्मचारी है या अभिकर्ता
b. रिश्वत का उद्देश्य
c. सेवा प्रदान करने का तथ्य
d. संगठन के लिए कार्य
142. धारा 9 के अंतर्गत अपराध का स्वरूप क्या है?
a. असंज्ञेय
b. संज्ञेय
c. जमानती
d. केवल शिकायत पर आधारित
143. धारा 9(4) के अनुसार, कौन-से अपराध संज्ञेय घोषित किए गए हैं?
a. केवल धारा 9
b. केवल धारा 8
c. धारा 7क, धारा 8 और धारा 9
d. सभी भ्रष्टाचार संबंधी अपराध
144. धारा 9(5) के अनुसार मार्गदर्शक सिद्धांत कौन विहित करेगा?
a. राज्य सरकार
b. उच्च न्यायालय
c. केन्द्रीय सरकार
d. लोकपाल
145. धारा 9(5) के तहत मार्गदर्शक सिद्धांतों का उद्देश्य क्या है?
a. लोक सेवकों को संरक्षण देना
b. वाणिज्यिक संगठनों द्वारा रिश्वत को प्रोत्साहित करना
c. वाणिज्यिक संगठनों से सहयोजित व्यक्तियों को रिश्वत देने से निवारित करना
d. अभियोजन को सरल बनाना
146. निम्न में से कौन-सा व्यक्ति धारा 10 के अंतर्गत उत्तरदायी हो सकता है?
a. केवल निदेशक
b. केवल प्रबंधक
c. केवल सचिव
d. निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी
147. धारा 10 के अंतर्गत दंड क्या है?
a. केवल जुर्माना
b. तीन वर्ष का कारावास से कम की नहीं होगी किन्तु सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने का भी दायी होगा।
c. कारावास और जुर्माना दोनों
d. केवल चेतावनी
148. धारा 10 के अनुसार “मौनानुकूलता” का क्या तात्पर्य है?
a. अपराध का विरोध करना
b. अपराध के प्रति मौन स्वीकृति देना
c. अपराध की जानकारी न होना
d. अपराध की रिपोर्ट करना
149. धारा 10 के अंतर्गत कार्यवाही किसके विरुद्ध की जा सकती है?
a. केवल वाणिज्यिक संगठन के विरुद्ध
b. केवल लोक सेवक के विरुद्ध
c. वाणिज्यिक संगठन के साथ-साथ भारसाधक व्यक्ति के विरुद्ध
d. केवल शिकायतकर्ता के विरुद्ध
150. धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसार, फर्म के संदर्भ में “निदेशक” से क्या अभिप्रेत है?
a. प्रबंधक
b. सचिव
c. भागीदार
d. कर्मचारी
151. धारा 10 के अंतर्गत दोषसिद्धि के लिए क्या सिद्ध करना आवश्यक है?
a. केवल यह कि संगठन ने अपराध किया
b. केवल यह कि व्यक्ति अधिकारी था
c. यह कि अपराध उसकी सहमति या मौनानुकूलता से हुआ
d. केवल यह कि रिश्वत दी गई
152. यदि वाणिज्यिक संगठन द्वारा धारा 9 का अपराध किया गया हो, किंतु निदेशक ने पर्याप्त रोकथाम की हो, तो—
a. निदेशक स्वतः दोषी होगा
b. निदेशक को कारावास होगा
c. निदेशक दोषमुक्त हो सकता है
d. केवल जुर्माना लगेगा
153. धारा 10 के अंतर्गत कौन-सा कथन सही है?
a. भारसाधक व्यक्ति केवल जुर्माने से दंडनीय है
b. भारसाधक व्यक्ति पर तभी दायित्व आएगा जब वह स्वयं रिश्वत दे
c. सहमति या मौनानुकूलता सिद्ध होने पर कारावास अनिवार्य है
d. यह धारा केवल कंपनियों पर लागू होती है
154. धारा 11 किस प्रकार के अपराध को कवर करती है?
a. निजी व्यक्तियों द्वारा रिश्वत लेना
b. लोक सेवक, जो ऐसे लोक सेवक द्वारा की गई कार्यवाही या कारबार से संबद्ध व्यक्ति से, प्रतिफल के बिना, असम्यक् लाभ अभिप्राप्त करता है
c. पर्यावरणीय उल्लंघन
d. उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन
155. किसी लोक सेवक के अपराध के लिए कौन सा तत्व आवश्यक है?
a. लोक सेवक का होना
b. लाभ का पदीय कार्य से जुड़ा होना
c. लाभ स्वीकार करना या लेने का प्रयास
d. उपरोक्त सभी
156. “असम्यक् लाभ” का अर्थ क्या है?
a. सरकारी वेतन या भत्ता
b. कोई अवैध या अनुचित लाभ जो पदीय कार्य से जुड़ा हो
c. स्वेच्छा से प्राप्त दान
d. सरकारी छुट्टियाँ
157. धारा 11 के तहत अपराध तब होगा जब लोक सेवक लाभ:
a. केवल अपने लिए स्वीकार करे
b. अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए स्वीकार करे
c. केवल रिश्तेदारों के लिए स्वीकार करे
d. केवल सरकारी उद्देश्य के लिए स्वीकार करे
158. क्या धारा 11 में अपर्याप्त प्रतिफल के लिए लाभ स्वीकार करना अपराध है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल सरकारी अनुमोदन के बाद
d. केवल रिश्तेदारों से लाभ लेने पर
159. धारा 11 के तहत दंड क्या है?
a. 6 महीने तक की कैद
b. 6 महीने से 5 वर्ष तक की कैद और जुर्माना
c. केवल जुर्माना
d. सामुदायिक सेवा
160. क्या धारा 11 में प्रयास (Attempt) को भी अपराध माना गया है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल सरकारी लाभ के लिए
d. केवल निजी लाभ के लिए
161. धारा 11 के तहत लाभ लेने वाला व्यक्ति अगर जानता है कि लाभ अपर्याप्त है, तो क्या अपराध होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल सरकारी लाभ पर लागू
d. केवल रिश्वत पर लागू
162. धारा 11 के तहत लाभ स्वीकार करने वाला किससे लाभ ले सकता है?
a. किसी व्यक्ति जो पदीय कार्य से जुड़ा हो
b. किसी अधीनस्थ के कार्य से जुड़ा हो
c. किसी ऐसे व्यक्ति से जिसका लोक सेवक से हित संबंध या नातेदारी हो
d. उपरोक्त सभी
163. धारा 11 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. लोक सेवकों द्वारा किसी भी प्रकार का अनुचित लाभ लेने से रोकना
b. निजी व्यक्तियों को दंडित करना
c. सरकारी नियमों को सरल बनाना
d. सरकारी कर्मचारियों का वेतन बढ़ाना
164. धारा 12 किस प्रकार के अपराध को कवर करती है?
a. कोई भी अपराध
b. इस अधिनियम के अधीन अपराधों के दुष्प्रेरण के लिए दंड
c. केवल चोरी और डकैती
d. केवल लोक सेवकों का अपराध
165. यदि कोई व्यक्ति किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है लेकिन अपराध नहीं हुआ, तो क्या धारा 12 लागू होगी?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल यदि अपराध हुआ हो
d. केवल सरकारी अनुमोदन से
166. धारा 12 के तहत दंड का कालावधि क्या है?
a. 6 महीने से 3 वर्ष
b. 3 वर्ष से 7 वर्ष और जुर्माना
c. 1 वर्ष से 5 वर्ष
d. 5 वर्ष से 10 वर्ष
167. “दुष्प्रेरण” का अर्थ धारा 12 में क्या है?
a. किसी अपराध को करने के लिए प्रेरित करना
b. केवल अपने लिए लाभ उठाना
c. सरकारी आदेश का पालन करना
d. अपराध को रोकना
168. क्या धारा 12 में दुष्प्रेरक का अपराध करने का परिणाम जरूरी है?
a. हाँ, केवल तभी दंड होगा
b. नहीं, दुष्प्रेरण ही अपराध है
c. केवल यदि लाभ प्राप्त हुआ हो
d. केवल यदि सरकारी नुकसान हुआ हो
169. धारा 12 के तहत दंडनीय व्यक्ति कौन हो सकता है?
a. कोई भी जो इस अधिनियम के अपराध के लिए प्रेरित करे
b. केवल सरकारी अधिकारी
c. केवल अपराध करने वाला व्यक्ति
d. केवल आरोपी का परिवार
170. धारा 12 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. अपराध को रोकना
b. किसी अपराध के दुष्प्रेरण को दंडित करना
c. केवल सरकारी कर्मचारियों को नियंत्रित करना
d. सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना
171. लोक सेवक द्वारा आपराधिक अवचार, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 11
b. धारा 12
c. धारा 13
d. धारा 14
172. धारा 13 के अनुसार कोई लोक सेवक आपराधिक अवचार का अपराध कब करेगा?
a. यदि वह सरकारी आदेश का पालन करता है
b. यदि वह अपने पद के दौरान संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्ण दुर्विनियोग करता है
c. यदि वह अपने वेतन को स्वीकार करता है
d. यदि वह सरकारी निर्देशों का पालन करता है
173. धारा 13 के तहत आपराधिक अवचार में शामिल कौन सा कार्य नहीं है?
a. संपत्ति का बेईमानी से उपयोग
b. अपनी पदावधि के दौरान अवैध रूप से अपने को साशय समृद्ध करना
c. सरकारी निर्देशों का पालन करना
d. किसी अन्य व्यक्ति को संपत्ति का कपटपूर्ण उपयोग करने देना
174. धारा 13 के स्पष्टीकरण 1 के अनुसार अवैध रूप से समृद्ध होने का क्या अर्थ है?
a. कोई भी संपत्ति का स्वाभाविक उपयोग
b. आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात में असमान्य संपत्ति या संसाधन का होना, जिसका हिसाब लोक सेवक नहीं दे सकता
c. सरकारी भत्तों को लेना
d. केवल रिश्वत लेना
175. “आय के ज्ञात स्रोत” से क्या अभिप्रेत है?
a. किसी भी प्रकार की आय
b. केवल विधिपूर्ण स्रोत से प्राप्त आय
c. केवल सरकारी वेतन
d. केवल उपहार
176. धारा 13 के तहत दंड की अवधि क्या है?
a. 1 वर्ष से कम की न होगी किन्तु जो 3 वर्ष तक की हो सकेगी, कारावास से दण्डनीय होगा
b. चार वर्ष से कम की न होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, कारावास से दण्डनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
c. 3 वर्ष से कम की न होगी किन्तु जो 7वर्ष तक की हो सकेगी, कारावास से दण्डनीय होगा
d. 6 वर्ष से कम की न होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, कारावास से दण्डनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
177. कौन सा कार्य धारा 13 के तहत आपराधिक अवचार नहीं माना जाएगा?
a. पद के दौरान सरकारी संपत्ति का बेईमानी से उपयोग
b. पद के दौरान अनाज या धन का कपटपूर्ण उपयोग
c. सरकारी निर्देशों के अनुसार संपत्ति का उपयोग
d. अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से असमान्य संपत्ति का कब्जा
178. धारा 13 के तहत अवैध रूप से साशय समृद्ध होने का अनुमान कब लगाया जाएगा?
a. केवल यदि रिश्वत ली गई हो
b. यदि पद के दौरान आय और संपत्ति में असमानता हो, जिसका संतोषजनक हिसाब लोक सेवक न दे सके
c. केवल सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग होने पर
d. केवल बैंक खाते में धन होने पर
179. धारा 14 किस प्रकार के अपराध को कवर करती है?
a. कोई भी अपराध
b. आभ्यासिक अपराधी के लिए दंड
c. केवल लोक सेवकों का अपराध
d. केवल संपत्ति का दुर्विनियोग
180. आभ्यासिक अपराधी किसे कहा जाएगा?
a. जो पहली बार अपराध करता है
b. जिसे इस अधिनियम के तहत पहले कोई अपराध सिद्धदोष ठहराया गया है
c. जो अपराध करने की योजना बनाता है
d. कोई भी व्यक्ति
181. धारा 14 के तहत दंड का कालावधि क्या है?
a. 3 वर्ष से 7 वर्ष
b. 5 वर्ष से 10 वर्ष जाएगा और जुर्माने से दंडनीय होगा
c. 1 वर्ष से 5 वर्ष
d. 6 महीने से 3 वर्ष